Tuesday, March 8, 2011

कतरन-2

आ गया फिर से मेरे घर पर
पुराने अखबारों की रद्दी खरीदने वाला
आज फिर चूल्हा जलेगा किसी के घर का

अखबार की ताकत आज फिर पता चली !!

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मैं

जिस्म के अन्दर पनपते सपनों के आगे और  जिस्म के बाहर सपनों के पीछे दौड़ते-भागते सांसें कभी...